Dhol Matrimony ने AI-पावर्ड, स्कैम-रेसिस्टेंट और प्राइवेसी-फर्स्ट प्लेटफॉर्म के साथ ऑनलाइन मैचमेकिंग को नया आयाम दिया
भारत, 14 फरवरी : ऐसे समय में जब कई ऑनलाइन मैट्रिमोनी प्लेटफॉर्म फेक प्रोफाइल, प्राइवेसी ब्रीच और स्पैम–ड्रिवन एंगेजमेंट मॉडल को…
भारत, 14 फरवरी : ऐसे समय में जब कई ऑनलाइन मैट्रिमोनी प्लेटफॉर्म फेक प्रोफाइल, प्राइवेसी ब्रीच और स्पैम–ड्रिवन एंगेजमेंट मॉडल को…
लखनऊ (उत्तर प्रदेश), फरवरी 13 : उत्तरप्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में ‘Dr. Cancer’पहल के आधिकारिक लोगो का लोकार्पण किया।इस अवसर पर चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ, सामाजिक प्रतिनिधि और आयोजन से संबंधित टीम मौजूद रही। लोगो लॉन्च के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि कैंसर की समय पर पहचान (Early Detection), जन–जागरूकता और मरीजों को सहयोग स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण प्राथमिकताएं हैं।उन्होंने पहल से जुड़ी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से समुदाय स्तर पर जागरूकता और सपोर्ट सिस्टम मजबूत होता है। इस पहल के संबंध में‘Dr. Cancer’ और संवेदना होम्योपैथिक क्लिनिक के निदेशक डॉ. गौरीशंकर ने बताया कि इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य कैंसर जागरूकता, स्क्रीनिंग/रिफरल मार्गदर्शन, तथा मरीजों की गुणवत्ता–जीवन (Quality of Life) बेहतर करने के लिए सपोर्टिव केयर से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाना है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी मरीज के लिए उपचार निर्णय योग्य चिकित्सकों की सलाह और स्थापित मेडिकल प्रोटोकॉल केअनुसार ही होने चाहिए। कार्यक्रम में सीनियर फिजिशियन डॉ. अमित श्रीवास्तव और श्री राम मोहन अग्रवाल ने आगामी राज्य व्यापी जागरूकता और स्क्रीनिंग कैंप की रूपरेखा साझा की।टीम ने बताया कि कैंपेन के तहत जन–जागरूकता, परामर्श/मार्गदर्शन, और जरूरतमंद मरीजों को सहायता नेटवर्क से जोड़ने पर फोकस कियाजाएगा। अंत में उपमुख्यमंत्री को स्मृति–चिह्न भेंट किया गया और कैंसर जागरूकता से जुड़े विभिन्न सामाजिक व स्वास्थ्य पहलुओं पर चर्चा हुई।
गुरुग्राम (हरियाणा), फरवरी 13: श्री गुरु गोबिंद सिंह ट्राइसेन्टीनरी यूनिवर्सिटी (एसजीटी यूनिवर्सिटी), गुरुग्राम ने अपने स्कॉलर्स काउंसिल के सहयोग से,…
जिन पाठकों को मेरी निम्नलिखित बातें बुरी लगें, उन को यह तथ्य स्वीकार करना चाहिए कि हम मानवों ने पूरी…
हैदराबाद (तेलंगाना) : हैदराबाद के ऐतिहासिक उस्मानिया विश्वविद्यालय परिसर में स्थित अतीत की एक भूली हुई धरोहर— मह लका बाई बावड़ी — आज दशकों की उपेक्षा के बाद पुनर्जीवित होकर फिर से अपने वैभव में खड़ी है। कभी मलबे से भरी और समय की धूल में खोई यह 18वीं सदी की संरचना अब सावधानीपूर्वक संरक्षण और पारिस्थितिक पुनर्जीवन के माध्यम से एक जीवंत विरासत स्थल में बदल चुकी है। इस पुनरुत्थान के केंद्र में हैं हरि चंदना आईएएस, जिनकी प्रशासनिक सोच निरंतर स्थिरता, संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता को जोड़ती रही है। यह बावड़ी का पुनर्जीवन कोई एकल उपलब्धि नहीं, बल्कि तेलंगाना भर में विरासत संरक्षण की उस निरंतर परंपरा का हिस्सा है, जिसे उन्होंने नेतृत्व प्रदान किया है।इस नवजागरण के केंद्र में वही अधिकारी हैं, जिनकी प्रशासनिक यात्रा ने तेलंगाना में उपेक्षित स्थानों को जीवंत सार्वजनिक संपत्तियों में बदला है। शहर की विरासत: जीएचएमसी के वर्ष जिला प्रशासन में आने से पहले, हरि चंदना आईएएस ने ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (GHMC) में ज़ोनल कमिश्नर के रूप में हैदराबाद के शहरी परिदृश्य को आकार दिया — जहाँ स्थिरता और विरासत संरक्षण दैनिक शासन के मूल तत्व बने।…
नोएडा (उत्तर प्रदेश) [भारत], 19 जनवरी: भारत को विश्व का एक प्रमुख कपड़ा बाजार माना जाता। लेकिन कपड़ों की देखभाल…
नई दिल्ली: हिंदी समाचारों की दुनिया में एक नई क्रांति लाने के उद्देश्य से ‘न्यूज़ टीवी इंडिया’ (News TV India)…
स्वतंत्र संगीत की दुनिया में एक नई आवाज़ ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। उभरते हुए कलाकार Oomkaraa ने…
लखनऊ (उत्तर प्रदेश), जनवरी 15 : निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निशाद पार्टी) के 13वें संकल्प दिवस के अवसर…
लखनऊ (उत्तर प्रदेश), जनवरी 15 : डॉ. अभिषेक वर्मा, मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक, शिवसेना (एनडीए) गठबंधन एवं चुनाव, ने 13 जनवरी…